director.iipr@icar.org.in   0512-2580986
Forms/Circular
NCPulses 2026

विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025

भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान, कानपुर द्वारा “विकसित कृषि संकल्प अभियान 2025” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह सघन अभियान 29 मई से 12 जून 2025 तक उत्तर प्रदेश के पाँच जिलों—कानपुर देहात, कन्नौज, इटावा, औरैया, फतेहपुर में चलाया गया, जिसमें संस्थान के 17 वैज्ञानिकों की टीम ने 675 गावों के लगभग 75000 किसानों से सीधा संवाद संवाद/सम्पर्क स्थापित कर दलहन की नवीनतम तकनीकियों के बारे में जानकरी साझा की I

हमारे बीकनेर (राजस्थान) केंद्र के वैज्ञानिकों ने 6 ब्लाक के 42 गाँव के 7000 किसानों से, धारवाड़ (कर्नाटक) केंद्र के वैज्ञानिकों ने 51 गाँव के 7100 किसानों से तथा खोरधा (ओडिशा) केंद्र के वैज्ञानिकों ने 51 गाँव के 15000 किसानों से सीधा संवाद/सम्पर्क स्थापित कर नवीनतम तकनीकियों के बारे में जानकरी दी I

संस्थान के निदेशक डॉ. जी. पी. दीक्षित ने इस अवसर पर कहा, “यह अभियान केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह वैज्ञानिकों और किसानों के बीच विश्वास एवं सहभागिता का पुल बना। किसानों को ज्ञान, सम्मान और समाधान देने की हमारी प्रतिबद्धता को इस अभियान ने नई दिशा दी है।”

ग्राम स्तर पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से वैज्ञानिकों ने किसानों को दलहन उत्पादन की नवीनतम तकनीकों, जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों, कीट एवं रोग प्रबंधन, जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य सुधार और उन्नत बीजों के उपयोग संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। साथ ही साथ वैज्ञानिकों ने खेतों पर जाकर किसानों को दलहनों की उन्नत किस्में, बीज शुद्धिकरण विधियाँ, जैव उर्वरकों का उपयोग, और फसल अवशेष प्रबंधन की प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्रदान किया। खेत प्रदर्शन के माध्यम से यह बताया गया कि पारंपरिक और वैज्ञानिक तरीकों के संतुलन से किस प्रकार उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार किया जा सकता है।
इसके अतिरिक्त, पीएम-किसान योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, फसल बीमा योजना, ड्रोन प्रौद्योगिकी, और सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली जैसे सरकारी योजनाओं से किसानों को जोड़ने का प्रयास किया गया। सरकारी योजनाओं के प्रति किसानों की जिज्ञासा को देखते हुए संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों द्वारा भी योजनाओं की कार्यप्रणाली और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी गई, जिससे उन्हें वित्तीय एवं तकनीकी लाभ उठाने में मदद मिलेगी।

किसानों ने वैज्ञानिकों से कहा कि ऐसे अभियान उनके लिए अत्यंत लाभकारी हैं और इससे उन्हें खेती के आधुनिक एवं टिकाऊ तरीकों को अपनाने का आत्मविश्वास मिल रहा है। आईआईपीआर के वैज्ञानिकों ने भी आश्वस्त किया कि अभियान के अंत तक हर गाँव तक पहुँचकर अधिकतम किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस सघन अभियान न केवल कृषि क्षेत्र में नवाचारों के प्रति जागरूकता बढ़ी है, बल्कि यह अभियान किसानों को आत्मनिर्भर और आधुनिक कृषि की दिशा में प्रेरित करता रहेगा। अभियान के दौरान प्राप्त कृषि समस्याओं और सुझावों का विश्लेषण कर, आगामी शोध और विस्तार गतिविधियों को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियान भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि किसानों तक नवीनतम अनुसंधान और तकनीक सुगमता से पहुंचे।

भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान का यह अभिनव प्रयास भारत को दलहनी फसलों में आत्मनिर्भर बनाने, किसानों की आय स्थिर करने, और कृषि क्षेत्र में तकनीकी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

Skip to content